
खातेगांव। देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की हत्या के मामले में पुलिस ने अवैध शराब तस्करी से जुड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जांच में शराब कारोबार से जुड़े कई लोगों के नाम सामने आए हैं। अब तक शराब कारोबारी और कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल समेत तीन लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पुलिस इस नेटवर्क की सप्लाई चेन, आर्थिक लेन-देन और गुजरात तक शराब पहुंचाने में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है। मामले की जांच स्पेशल डीजी उपेंद्र जैन के नेतृत्व में की जा रही है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हरदा निवासी राहुल जायसवाल को शराब तस्करी नेटवर्क का मुख्य सरगना बताया जा रहा है। इंदौर के विजय राव पर राहुल के लिए नेटवर्क में काम करने का आरोप है। वहीं अलीराजपुर निवासी केरम सिंह चांगोड़ की भूमिका ट्रक उपलब्ध कराने और उसकी पायलेटिंग करने में सामने आई है। इन तीनों के नाम कार्रवाई के दौरान सामने आए हैं। हालांकि, केरम की गिरफ्तारी और पुलिस अभिरक्षा की स्थिति की अलग से पुष्टि जरूरी है।
जांच में इंदौर के मनीष जायसवाल, अहमदाबाद के मोहिन जायसवाल और बड़वानी के पाटेंद्र जायसवाल के नाम भी सामने आए हैं। मनीष पर शराब को अलग-अलग स्थानों पर खपाने, जबकि मोहिन पर गुजरात में शराब भेजने की व्यवस्था से जुड़े होने का आरोप है। पाटेंद्र जायसवाल का नाम शराब दुकानों के लाइसेंस और नेटवर्क में कथित हिस्सेदारी को लेकर सामने आया है। फिलहाल इनकी तलाश की जा रही है।
टीआई दिलीप पुरी की हत्या में ट्रक चालक गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। उस पर वाहन से कुचलकर टीआई की हत्या करने का आरोप है। मामले में फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपए का इनाम घोषित किए जाने की जानकारी है। पुलिस की टीमें पांच जिलों में सक्रिय हैं और टिमरनी से इंदौर, बड़वानी होते हुए गुजरात तक फैले शराब तस्करी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
2 नवंबर 2026