
इंदौर। भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान शुक्रवार को एक पोस्टर ने राजनीतिक माहौल में नया सवाल खड़ा कर दिया। सुभाष नगर चौराहे से शुरू होकर पाटनीपुरा चौराहे पर समाप्त हुई पदयात्रा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा प्रदेश प्रभारी विप्लब देव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित कई नेता शामिल हुए। यात्रा में साधु-संतों और किन्नर समाज के लोगों की भी बड़ी भागीदारी रही। विजयवर्गीय ने इसे राष्ट्रभक्तों की रैली बताया।
पदयात्रा के दौरान समाजसेवी प्रहलाद पांडे एक पोस्टर लेकर पहुंचे। पोस्टर पर लिखा था- ‘30 हजार का बल्ब और 33 हजार लीटर फिनाइल।’ पोस्टर पर नजर पड़ते ही कैलाश विजयवर्गीय नाराज हो गए। उन्होंने इसे कार्यक्रम में व्यवधान बताते हुए पांडे को वहां से हटाने के निर्देश दिए।
विजयवर्गीय ने कहा, “एक न्यूसेंस यहां पर आ गया। जहां जवाब देना है, हम देंगे।” इसके बाद उन्होंने पांडे को वहां से जाने के लिए कहा और चेतावनी देते हुए बोले कि नहीं जाने पर लोग अपने तरीके से जवाब दे देंगे। उन्होंने पोस्टर हटाने और पांडे को कुछ देर के लिए गाड़ी में बैठाने की बात भी कही। साथ ही कहा कि वह व्यक्ति वहां दिखाई नहीं देना चाहिए।
विजयवर्गीय ने पांडे के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें अराजकतावादी लोगों के साथ बताया। ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ के संदेश के साथ निकली पदयात्रा में पोस्टर को लेकर हुई यह घटना चर्चा का विषय बन गई।
28 अक्टूबर 2026