
इंदौर। शहर की व्यवस्थाओं को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और महिलाओं ने रीगल चौराहे पर प्रदर्शन कर महापौर को ‘मित्रासुर’ के रूप में पेश किया और पुतला दहन किया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क के गड्ढों, जलसंकट, ट्रैफिक, ड्रेनेज और कथित घोटालों को लेकर नगर निगम को घेरा। इस दौरान महापौर मुर्दाबाद, भाजपा मुर्दाबाद और धोखेबाज जैसे नारे लगाए गए। कांग्रेस नेताओं ने निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जनता की समस्याओं का समाधान करने की मांग की।
कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन को प्रतीकात्मक रूप देते हुए मित्रासुर के पुतले पर शहर की समस्याओं और कथित अनियमितताओं से जुड़े नाम लिखे। इनमें गड्ढा मित्र, जलसंकट मित्र, अवैध होर्डिंग मित्र, भागीरथपुरा कांड मित्र, फर्जी नामांतरण घोटाला मित्र, फर्जी बिल घोटाला मित्र, सफाईकर्मियों का झूठा मित्र, घटिया ट्रैफिक नवाचार मित्र और भेदभाव मित्र शामिल थे। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि महापौर खुद को शहर का मित्र बताते हैं, लेकिन बुनियादी समस्याओं को लेकर जनता को राहत नहीं मिल रही है। प्रदर्शन के दौरान मित्रासुर मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए पुतला जलाया गया। मौके पर राहुल गांधी जिंदाबाद के नारे भी सुनाई दिए।
नेता प्रतिपक्ष सोनिला मिमरोट ने महापौर पर शहर की समस्याओं के प्रति जिम्मेदारी नहीं निभाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सड़कों के गड्ढे, पानी की परेशानी, ट्रैफिक अव्यवस्था और ड्रेनेज जैसी समस्याएं लगातार सवाल खड़े कर रही हैं। मिमरोट ने अवैध होर्डिंग और भागीरथपुरा जलकांड का मुद्दा उठाते हुए महापौर की जवाबदेही पर भी सवाल किए। उन्होंने आरोप लगाया कि महापौर कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों का साथ दे रहे हैं। मिमरोट ने चेतावनी दी कि यदि आने वाले महीनों में जलसंकट और दूसरी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो जनता की नाराजगी बढ़ेगी। उन्होंने महापौर को छह महीने में अपने काम साबित करने या इस्तीफा देने की चुनौती दी।
28 अक्टूबर 2026