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आज अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 का शुभारंभ करेंगे सीएम, शहरों की सूरत बदलने का प्लान

जन प्रकाशन 28 अक्टूबर 2026
3 मिनट में पढ़ें
आज अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 का शुभारंभ करेंगे सीएम, शहरों की सूरत बदलने का प्लान

इंदौर में अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में शहरी परियोजनाओं में निवेश, ग्रीन एनर्जी, आधुनिक परिवहन और नए वित्तीय मॉडल पर होगा मंथन

इंदौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आज अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 का शुभारंभ करेंगे। कॉन्क्लेव में केवल शहरों के विकास की योजनाओं पर चर्चा ही नहीं होगी, बल्कि निवेशकों के साथ सीधे संवाद कर परियोजनाओं में भागीदारी की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। महानगरों के साथ श्रेणी-2 के शहरों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और शहरी अधोसंरचना में निवेश बढ़ाना आयोजन के प्रमुख केंद्र में रहेगा। कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे और नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे सहित वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और विशेषज्ञ शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री करेंगे निवेशकों से सीधी बात

कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री निवेशकों के साथ वन-टू-वन बैठक करेंगे। इसमें शहरी विकास परियोजनाओं में निवेश, योजनाओं के क्रियान्वयन और भविष्य में सरकारी व निजी क्षेत्र के बीच साझेदारी के अवसरों पर चर्चा होगी। इस संवाद के जरिए निवेशकों की रुचि, परियोजनाओं की जरूरतों और निवेश की संभावनाओं को समझने पर जोर रहेगा।

मास्टर प्लान से परिवहन तक, शहरों के विकास पर मंथन

शहरों को व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाने के लिए मास्टर प्लान, आवास, सार्वजनिक परिवहन, पुराने क्षेत्रों के पुनर्विकास और विकास गलियारों से जुड़े मुद्दों पर विशेषज्ञ विचार रखेंगे। तेजी से बढ़ती आबादी के बीच आवास, सड़क, परिवहन और अन्य बुनियादी सुविधाओं की जरूरतें पूरी करना बड़ी चुनौती है। ऐसे में शहरों के सुनियोजित विस्तार और विकास परियोजनाओं को गति देने के उपायों पर चर्चा होगी। श्रेणी-2 के शहरों में निवेश और अधोसंरचना विस्तार की संभावनाओं पर भी विशेष ध्यान रहेगा।

डिजिटल सिस्टम से बदलेगा शहरी प्रशासन

नगरीय सेवाओं को अधिक पारदर्शी और आसान बनाने के लिए डिजिटल गवर्नेंस, ऑनलाइन अनुमतियों और जीआईएस आधारित नियोजन पर चर्चा होगी। तकनीक के इस्तेमाल से शहरी विकास की योजनाओं को बेहतर तरीके से तैयार करने, संसाधनों का प्रभावी उपयोग करने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उपाय तलाशे जाएंगे।

कचरे से ऊर्जा, सौर बिजली और सीबीजी पर नजर

पर्यावरण अनुकूल शहरों के विकास के लिए जल प्रबंधन, पानी के पुनः उपयोग, वायु गुणवत्ता में सुधार, इलेक्ट्रिक वाहनों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन जैसे विषय एजेंडे में शामिल हैं। कचरे से ऊर्जा उत्पादन, सौर ऊर्जा और कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) परियोजनाओं में निवेश के अवसरों पर भी विचार होगा। इन क्षेत्रों में नई तकनीक और निजी भागीदारी के जरिए शहरों को अधिक टिकाऊ बनाने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी।

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श्रेणियाँ:मध्यप्रदेशइंदौरभोपालराजनीति

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