
मधुर अग्रवाल/ देवास। घर की छत पर जुआ खेल रहे आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस को दीवार फांदकर पहुंचना पड़ा। देवास जिले की कन्नौद तहसील के रायपुरा क्षेत्र में पुलिस ने घेराबंदी कर जुआ खेल रहे छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस को देखकर एक आरोपी ने छत से छलांग लगा दी, जिसे नीचे खड़े पुलिसकर्मी ने पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 5830 रुपए नकद, दो मोटरसाइकिल और छह मोबाइल फोन जब्त किए। वहीं, जुआ खिलवाने का आरोपी पहले से ही एक साल के लिए बाउंड ओवर था। उसके खिलाफ बाउंड ओवर की शर्तों का उल्लंघन करने पर अलग से कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद के निर्देश पर जिले में जुआ और सट्टे जैसी सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सौम्या जैन और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस आदित्य तिवारी के मार्गदर्शन में थाना क्षेत्र के ऐसे लोगों की सूची तैयार की गई थी, जो जुए जैसी गतिविधियों में लिप्त रहते हैं। इनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 129 के तहत एसडीएम कार्यालय से बाउंड ओवर की कार्रवाई भी कराई गई थी।
पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि रायपुरा निवासी अफसर पिता आशिक अपने घर की छत पर जुआ खिलवा रहा है। अफसर एक साल के लिए बाउंड ओवर था। सूचना के आधार पर पुलिस ने दो टीमें बनाईं और मौके पर पहुंचकर घर की घेराबंदी की। जुआ छत पर चल रहा था, इसलिए पुलिसकर्मी आसपास की दीवारों के सहारे छत पर पहुंचे। पुलिस को देखकर वहां मौजूद आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। इस दौरान एक आरोपी छत से नीचे कूद गया, जिसे नीचे मौजूद पुलिसकर्मी ने पकड़ लिया।
पुलिस ने अय्यूब पिता गब्बू खां, अनीष पिता वहीद खां और रसीद पिता हमीद खां, निवासी रायपुरा, जबकि शाहरुख पिता एमन्नुर, रफीक पिता हसन खां और सादिक पिता जहांगीर, निवासी कन्नौद को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 5830 रुपए नकद, दो मोटरसाइकिल और छह मोबाइल फोन जब्त किए गए।
पुलिस के अनुसार, जुआ खिलवाने के आरोपी अफसर के खिलाफ पहले से लागू बाउंड ओवर की शर्तों का उल्लंघन करने के मामले में बीएनएसएस की धारा 141 के तहत अलग से कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जुआ और सट्टे जैसी गतिविधियों के कारण परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इन गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए ऐसे मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई में प्रधान आरक्षक धन्नालाल चोरे, प्रधान आरक्षक मोहन वसुनिया, प्रधान आरक्षक बलवान सिंह, आरक्षक राजेंद्र सिंह, सचिन ठाकुर, शैलेंद्र करमोदिया और एनसीसी विजय गुर्जर का योगदान रहा।
28 अक्टूबर 2026