रतलाम। रतलाम जिले की नगरा सोसाइटी में किसानों से धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। 157 किसान 10 साल पहले कर्ज चुकाने के बावजूद डिफॉल्टर बने हुए हैं। सहकारी बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से हुए इस घोटाले में किसानों को खाद और ऋण नहीं मिल रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से परेशान हैं।
किसानों ने लिया जल समाधि लेने का फैसला
शिकायत करने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं होने पर किसानों ने जल समाधि लेने का फैसला किया है। मामले में पता चला कि सोसाइटी के तत्कालीन सहायक प्रबंधक और लेखापाल ने मिलकर 31 लाख रुपए से अधिक का गबन किया। इस घोटाले के विरोध में किसानों ने सोसाइटी पर तालाबंदी की और कलेक्ट्रेट में धरना भी दिया, जिसके बाद अधिकारियों ने जांच शुरू की है। हालांकि, किसानों का कहना है कि यह तो सिर्फ एक सोसाइटी का मामला है, अगर पूरे जिले की सहकारी समितियों की जांच हो तो एक बड़ा घोटाला सामने आ सकता है।
सहकारी सोसाइटी के तत्कालीन सहायक प्रबंधक ने किया गबन
जानकारी के अनुसार, सहकारी सोसाइटी के तत्कालीन सहायक प्रबंधक फकीरचंद प्रजापत और लेखापाल आनंदीलाल जैन ने