सुख, शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देती है मां कात्यायनी
जन प्रकाशन 27 सितंबर 2025
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नवरात्रि की षष्टी तिथि को मां कात्यायनी की पूजा-अर्चना की जाती है। कात्यायनी देवी को ब्रह्मा जी की मानस पुत्री माना गया है। जो भी मां कात्यायनी की आराधना करता है, मां सदैव उन पर अपना आशीर्वाद बनाए रखती हैं और उन्हें सुख, शांति और समृद्धि का वरदान देती हैं।
रुक्मिणी ने कृष्ण को वररूप में पानी के लिए की थी देवी कात्यायनी की पूजा
माता कात्यायनी का रंग सोने के समान चमकीला है। मां के दो हाथों में तलवार और कमल का फूल है। वही मां का दायां हाथ भक्तों की रक्षा के लिए अभय मुद्रा में है और बायां हाथ वरदमुद्रा में लोगों की मनोकामना पूरी करने और उन्हें आशीर्वाद देने के लिए है। मान्यता है कि देवी कात्यायनी की पूजा करने से व्यक्ति को किसी प्रकार का भय नहीं सताता है और उसे स्वास्थ्य संबंधी हर तरह की परेशानी से छुटकारा मिलता है। कुंवारी कन्याओं को विशेष रूप से मां कात्यायनी की पूजा करनी चाहिए। इससे उन्हें सुयोग्य वर की प्राप्ति होती है। देवी भागवत में भी इस बात का वर्णन है कि महाभारत काल में रुक्मिणी ने भगवान कृष्ण को वररूप में पाने के लिए देवी कात्यायनी की पूजा की थी।
महर्षि कात्यायन की प