
मधुर अग्रवाल/ कन्नौद। देवास जिले के कन्नौद थाना क्षेत्र में गौवंश और बकरा-बकरी चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले कथित संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना यूसुफ लाला सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 12 बोर का देसी कट्टा बरामद किया गया है। पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोत के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चोरी और गौवंश तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए कार्रवाई की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सौम्या जैन और एसडीओपी कन्नौद आदित्य तिवारी के मार्गदर्शन में पुलिस ने ऑपरेशन त्रिनेत्रम के तहत लगाए गए सीसीटीवी कैमरों, मुखबिरों और पारंपरिक पुलिसिंग की मदद से आरोपियों की पहचान की। इसके बाद पानीगांव रोड पर घेराबंदी कर मुख्य आरोपी यूसुफ को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उसके पास से देसी कट्टा मिला। पूछताछ में सामने आए अन्य आरोपियों में मोहसिन, आकिब पिता मोहम्मद सफी, अशरफ पिता सफी और मुख्तियार शामिल हैं। ये सभी इंदौर के अलग-अलग क्षेत्रों के निवासी बताए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने ग्रामीण क्षेत्रों से गौवंश और बकरा-बकरी चोरी कर इंदौर के जावेद लाला के माध्यम से बेचने की जानकारी दी। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल मुख्य आरोपी यूसुफ लाला की मारुति विटारा ब्रेजा कार और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए। सभी पांच आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने गिरोह के खिलाफ संगठित अपराध की धारा बढ़ाई है और अन्य सहयोगियों की तलाश जारी है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले भी इस तरह की वारदातों में शामिल रहे हैं। कार्रवाई में उपनिरीक्षक दीपक भोंडे, प्रधान आरक्षक धन्नालाल चौरे और आरक्षक योगेंद्र सिंह व राजेंद्र सिंह का योगदान रहा।

28 अक्टूबर 2026