
नागपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने विजयादशमी उत्सव के मंच से देश की एकता, सामाजिक समरसता और जिम्मेदार विकास का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हम विभाजित होकर कमजोर हुए हैं। आजादी के समय से भी ज्यादा तप करने की जरूरत है। समाज को अनेकता का सम्मान करना होगा और बदलते समय के अनुरूप खुद को तैयार करना होगा। नागपुर स्थित संघ मुख्यालय में कार्यक्रम की शुरुआत शस्त्र पूजन से हुई।
भागवत ने नेपाल की घटनाओं का जिक्र करते हुए विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि हिमालयी क्षेत्रों में विकास के प्रयासों के बीच प्रकृति की अस्थिरता और बड़े पैमाने पर जनहानि जैसे विषयों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। विकास का उद्देश्य लोगों के जीवन को बेहतर बनाना है। ऐसा विकास नहीं होना चाहिए, जिसमें विकास करने वाला ही न बचे। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के साथ पर्यावरण और नैतिकता को भी महत्व देना होगा।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) सहित नई तकनीकों के बढ़ते प्रभाव पर भागवत ने कहा कि तकनीक को रोका नहीं जा सकता। इसके लाभ भी हैं, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण यह है कि उसका उपयोग किस उद्देश्य से किया जा रहा है। ज्ञान और तकनीक केवल साधन हैं। भारत को विश्वगुरु बनाने की जिम्मेदारी नई पीढ़ी पर आने वाली है, इसलिए युवाओं को इस भूमिका के लिए तैयार करना होगा।
संघ प्रमुख ने समाज में संस्कारों और विवेक की भूमिका पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पहले व्यक्ति को पड़ोस, किताबों और सामाजिक वातावरण से आचरण की सीख मिलती थी, लेकिन धीरे-धीरे यह प्रभाव कम हो रहा है। शराबबंदी के प्रचार का उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि एक अधिकारी ने शराब के गिलास में कीड़े डालकर लोगों से पूछा कि इससे क्या समझ आता है। एक व्यक्ति ने जवाब दिया कि शराब पीने से पेट के कीड़े भी मर जाएंगे। भागवत ने इस उदाहरण के माध्यम से बताया कि किसी संदेश का अर्थ समझने के लिए विवेक जरूरी है। नशीले पदार्थों के नुकसान जानते हुए भी उनका सेवन करना चिंता का विषय है।
भागवत ने कहा कि दुनिया के सामने विकास और पर्यावरण को साथ लेकर चलने तथा अलग-अलग विचारों वाले लोगों के बीच सामंजस्य बनाने की चुनौती है। प्राकृतिक तनाव के साथ भू-राजनीतिक तनाव भी बढ़ रहा है। ऐसे समय में नई पीढ़ी को अच्छे संस्कार देना और जिम्मेदार नागरिक बनाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विश्व इन चुनौतियों के समाधान तलाश रहा है और भारत के पास इन सवालों के जवाब देने की क्षमता है।
कार्यक्रम में पत्रकार और संपादक संजय गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अपनी पत्नी डॉ. सुदेश धनखड़ के साथ पहुंचे। इजराइल के कॉन्सुल जनरल यानिव रेवाच को भी आमंत्रित किया गया था। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में विजयादशमी के दिन हुई थी। संघ हर साल इस दिन अपना स्थापना दिवस मनाता है।
24 अक्टूबर 2026