
नई दिल्ली। यदि आपको लग रहा है कि भारत-चीन के बीच तनाव कम हुआ है तो ऐसा नहीं है। अरुणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा पर बढ़ती चुनौतियों के बीच भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) अपनी सुरक्षा रणनीति में बदलाव की तैयारी कर रही है। फोर्स अब ड्रोन निगरानी, दुश्मन के ड्रोन को निष्क्रिय करने की तकनीक और आधुनिक युद्ध कौशल पर विशेष ध्यान दे रही है। ITBP के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने आए हैं। कुछ स्थानों पर टकराव जैसी स्थिति भी बनी और तनाव अब तक कायम है।
कपूर ने गुरुवार को राजस्थान के अलवर स्थित सेंट्रल ट्रेनिंग कॉलेज में हिमवीर सम्मान समारोह के दौरान सीमा की स्थिति पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी जिले के असाफिला और माजा क्षेत्रों में जुलाई के अंत से तनाव बना हुआ है। इसके मद्देनजर भारत ने सीमा पर अपनी तैनाती भी बढ़ाई है। कपूर का यह बयान उनके 31 अक्टूबर को होने वाले रिटायरमेंट से एक सप्ताह पहले आया है।
सीमा की निगरानी और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ITBP की आधुनिकीकरण योजना में ड्रोन तकनीक को अहम स्थान दिया गया है। करीब 4,000 करोड़ रुपए की प्रस्तावित योजना में से 1,000 करोड़ रुपए ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम के लिए रखे जाने की तैयारी है। वहीं, 400 करोड़ रुपए की मौजूदा योजना में लगभग 70 प्रतिशत राशि ड्रोन क्षमता बढ़ाने पर खर्च करने का प्रावधान है। फोर्स की सभी सीमा सुरक्षा बटालियनों में ड्रोन प्लाटून बनाई जा चुकी हैं। जवानों को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण देने के साथ अपने ड्रोन विकसित करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।
बदलते युद्ध तरीकों को देखते हुए ITBP सीमा चौकियों पर भूमिगत सुरक्षा ढांचे तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसके लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। योजना सफल रहने पर इन ढांचों को स्थायी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाया जा सकता है। इसके साथ ही जवानों को आधुनिक युद्ध परिस्थितियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से 'स्ट्राइक' नाम का प्रशिक्षण कोर्स शुरू किया गया है। वर्ष 2027 के अंत तक पूरी फोर्स को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य है। प्रत्येक बटालियन में शौर्य कमांडो टीम तैयार करने की योजना भी है।
ITBP प्रमुख के बयान पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर स्थिति तब बिगड़ती है, जब चीनी सैनिक तय गश्त व्यवस्था से अलग गतिविधियां करते हैं। भारत का कहना है कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता दोनों देशों के संबंधों के व्यापक विकास के लिए आवश्यक है। सीमा से जुड़े मुद्दों पर WMCC, विशेष प्रतिनिधि और कोर कमांडर स्तर पर बातचीत होती रही है, लेकिन इसके बावजूद कुछ इलाकों में तनाव बना हुआ है।
24 अक्टूबर 2026