
नई दिल्ली। सर्दी शुरू होने से पहले ही दिल्ली में प्रदूषण से निपटने की तैयारी तेज हो गई है। ठंड के साथ हवा की गुणवत्ता बिगड़ने की आशंका को देखते हुए दिल्ली सरकार ने विंटर पॉल्यूशन कंट्रोल प्लान के तहत कई अहम फैसले लिए हैं। 1 नवंबर 2026 से सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारी घर से काम करेंगे, जबकि बाकी कर्मचारी ऑफिस से अपनी जिम्मेदारी संभालेंगे।
सरकार ने प्रदूषण बढ़ाने वाली गतिविधियों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी की है। 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक धूल उड़ाने वाली तोड़-फोड़ और बाहरी सिविल निर्माण गतिविधियों पर रोक रहेगी। इसका मकसद सर्दियों में हवा में बढ़ने वाले धूल कणों को नियंत्रित करना है।
प्रदूषण के साथ ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए सरकारी कार्यालयों की टाइमिंग भी अलग-अलग रखी गई है। MCD के तहत आने वाले कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होंगे। वहीं GNCTD के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक खुलेंगे।
1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक दफ्तरों में 50 प्रतिशत वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू रहेगी। यानी एक समय में कार्यालयों में कर्मचारियों की संख्या सीमित रखी जाएगी। सरकार का फोकस इस दौरान निजी वाहनों की आवाजाही और प्रदूषण दोनों को नियंत्रित करने पर रहेगा।
दिल्ली में सर्दियों के दौरान हवा की गति कम होने से प्रदूषक तत्व वातावरण में जमा होने लगते हैं। ऐसे में सरकार ने प्रदूषण का स्तर बढ़ने से पहले ही रोकथाम के उपाय लागू करने की तैयारी की है। निर्माण पर रोक और वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्था इसी रणनीति का हिस्सा है।
24 अक्टूबर 2026